एक मोबाइल एप्प कर सकता है आपकी जिन्दगी को तबाह जानिए कैसे

0

आइएम रिसर्च डेस्क : अगर आप एंड्राइड मोबाइल का इस्तेमाल करते है तो आपको काफी सतर्क रहने की जरूरत है | एंड्राइड वैसे तो काफी सिक्योर है लेकिन चूंकि ये एक ओपन सोर्स प्लेटफोर्म है इसलिए इसके हैक होने का खतरा बहुत रहता है | अगर आप एंड्राइड फोन का इस्तेमाल करते है तो आपको काफी सतर्क रहने की जरूरत है वरना सिर्फ एक एप ही आपकी पर्सनल इन्फोर्मेशन को गलत हाथों तक पहुँचाने के लिए काफी हो सकता है |
आइये बात करते है उन तरीको और उस एप के बारे में जोकि आपके स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए हानिकारक है ।

सबसे पहले हम जानते है क्या होती है हैकिंग ? 

दरअसल आम और साधारण जुबान में हैकिंग को परिभाषित किया जाये तो ये एक ऐसी जटिल प्रकिया होती है जिसके जरिये आम इंसानों के पर्सनल डाटा या सायबर दुनिया के किसी हिस्से में सेंध लगाई जाती है इसे आप तकनीक के जरिये इन्टरनेट जगत में की गयी चोरी से भी परिभाषित करते है |
अब हम वापस आते है उन मोबाइल एप की तरफ जिनका हम जिक्र कर रहे थे तो ये कोई ऐसे एक दो एप नही है जिनका नाम उँगलियों पर गिनाया जा सके ये इन्टरनेट की दुनिया में हजारों वेबसाइटों पर लाखों जगह फैले हुए है | जब आप कुछ सर्च करते हुए किसी किसी अंजान वेबसाईट पर पहुँचते है और वो आपको अपना एप इंस्टाल करने को कहता है तो आपके जहन में ये ख्याल भी न आता होगा कि क्या ये भी हमारे मोबाइल में इंस्टाल होकर आपका डाटा चोरी कर सकता है |
लेकिन ये मुमकिन है एक डाटा कलेक्टर या हैकिंग एप इनस्टॉलिंग के वक्त आपके मोबाइल से सारी परमिशन मांगता है और आप बगैर पढ़ते उसे परमिशन दे देते है हालाँकि वो बहुत सी ऐसी परमिशन ले लेता है जिससे आपके डेटा को सर्वर के जरिये दूर बैठे हैकर के पास पहुँचाया जा सकता है |
क्या है बचने का तरीका

फिशिंग या ऐसे डाटा चोरी करने वाले एप्प से बचने का तरीका ये है कि लगातार एप पर नजर रखी जाये और एप को सिर्फ प्ले-स्टोर से ही इंस्टाल किया जाये क्यूंकि गूगल हमेशा अपने स्टोर पर मौजूद एप की जांच करता रहता है और उनमें गडबडी पाए जाने पर वहाँ से निरस्त कर देता है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here