जानिए एप्पल के आधे सेब का सच

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आईएम गैजेट डेस्क: दुनिया का शायद ही कोई मोबाइल यूजर हो जोकि विश्व की महानतम कम्पनी एप्पल के जरिये बनाये गए आईफोन के बारे में न जानती हो । आज आईफोन एक ऐसा ब्रॉन्ड बन चुका जिसे आपके स्टेट्स का निर्धारण करने वालीे कसौटी ख्याल किया जाने लगा है हालाँकि ये सामाजिक दृष्टिकोण से गलत ही है लेकिन फिर भी एप्पल तो एप्पल ही है ।

एप्पल स्मार्टफोन ही नही बल्कि उसके लोगो के पीछे बहुत सी कहानियां छुपी हुई है । शुरूआती दिनों में एक नई कम्पनी के रूप में एप्पल अपने लोगो को तब्दील करती रही लेकिन फिर उसका कटा हुआ सेब ही उसके ब्रांड की पहचान बन गया लेकिन इस लोगो का ख्याल स्टीव जॉब्स और उनके सहयोगियों के दिमाग में कैसे आया उसपर आज भी पर्दा पड़ा हुआ है । तो आइये जानते है एक्सपर्ट्स की इस लोगो के पीछे क्या धारणाएं है

एलन मैथीसन थ्योरी

एप्पल के इस लोगो के पीछे इंग्लैंड के एक कम्प्यूटर साइंटिस्ट एलना मैथीसन ट्यूरिंग की कहानी भी बताई जाती है ये वही एलन थे जिन्होंने सेकेंड वर्ल्ड वॉर के समय जर्मनी की एनिग्मा मशीन के कोड को तोड़ने वाली “ट्यूरिंग मशीन” का आविष्कार किया था जिसकी वजह से ब्रिटेन को लड़ाई में काफी मदद मिली थी ।

सब कुछ तो ठीक लेकिन एलन एक होमो-सेक्सयुल थे और यही उनका सबसे बड़ा जुर्म ही था । ब्रिटेन हुकूमत ने उन्हें इसी बुनियाद पर बहुत ही प्रताणित किया यहाँ तक कि उन्हें हार्मोनल इंजेक्शन दिए गए और फिर इसी के कारण उनकी मौत हो गयी । एलन की मौत के बाद जब उनके घर की तलाशी ली गयी तो उनके करीबी एक कटा हुआ सेब पाया गया जिसे संभवता एलन ने मौत से पहले खाया था ।

विशेषज्ञों की माने तो 2007 में जब एप्पल की स्थापना हुई तो स्टीव जॉब्स और उनकी टीम ने एलन को श्रद्धांजलि देते हुए ही आपने ब्रांड का लोगो एक खाया या कटा हुआ सेब रखा । हालाँकि इस दावे में कितना दम है इसके बारे में कुछ कहा नही जा सकता लेकिन फिर भी एप्पल ने बहाने से ही एलन को अमर तो कर ही दिया ।

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