रोहिंग्या मुसलमानों के लिए ईरान और तुर्की में बातचीत, स्पेन से उठी मदद की आवाज़

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मुख़बिर डेस्क: ईरान और तुर्की के विदेशमंत्रियों ने म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के बारे में विचार विमर्श किया है। विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने तुर्क समकक्ष से टेलीफ़ोनी वार्ता में रोहिंग्या मुसलमानों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा समाप्त करने की मांग की है ।

दूसरी ओर स्पेन के इस्लामी आयोग ने म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए दुनिया भर के देशों और संस्थाओं से रोहिंग्या मुसलमानों की सहायता की अपील की है।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार स्पेन के इस्लामी आयोग के प्रमुख रियाज़ ततरी ने सोमवार को एक बयान जारी करके म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के जातीय सफ़ाए और उनके विरुद्ध हो रहे अमानवीय व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।

इससे पहले ईरान, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया और दुनिया के विभिन्न देशों और संगठनों ने रोहिंग्या मुसलमानों के पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करते हुए म्यांमार सरकार से इसकी रोकथाम की मांग की थी।

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पश्चिमी म्यांमार के राख़ीन प्रांत में म्यांमार के सैनिक और बौद्ध चरमपंथी 2012 से रोहिंग्या मुसलमानों पर हमले कर रहे हैं। रोहिंग्या मुसलमानों के दमन का नया क्रम 25 अगस्त से आरंभ हुआ है जिसमें अब तक कई हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं जबकि 60,000 से अधिक म्यांमार की सेना के भय से अपना घर बार छोड़ का बांग्लादेश की ओर कूच कर गए है । फिलहाल तुर्की ने बांग्लादेश को अपनी सरहदों खोलने का हुक्म दिया है ताकि रोहिंग्या के मुसलमानों आराम से अपनी आगे की जिंदगी बसर कर सकें ।

रोहिंग्या में जिस तरह के हालात हैं उनसे तो लगता है कि आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते है। ऐसे में पूरे विश्व समाज को सामने आकर इसका हल ढूंढना चाहिए तुर्की और ईरान का मुसलमानों का समर्थन आने वाले समय में एक बदलाव का कारण

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