रोहिंग्या मुसलमानों की दयनीय दशा बन सकती है मानवीय संकट: ईरान

0

मुख़बिर न्यूज़: ईरान के विदेशमंत्राल के प्रवक्ता ने कहा है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की दयनीय स्थिति का जारी रहना और इस देश की सरकार की उपेक्षा से यह संकट वर्तमान समय का सबसे बड़ा मानवीय संकट बन सकता है।

बहराम कासेमी ने आज शनिवार को म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की दयनीय स्थिति के जारी रहने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि जानकारी व चेतावनी देने, देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न हस्तियों के आह्वान के बावजूद हम म्यांमार सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय मांगों की उपेक्षा के साक्षी हैं जो अस्वीकार्य है।

ईरानी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव से विचार- विमर्श, ईरान के राष्ट्रपति और विदेशमंत्री की तेहरान और न्यूयार्क में दूसरे इस्लामी देशों व नेताओं से वार्ता, रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सहायता भेजना, रोहिंग्या मुसलमानों की हृदय विदारक स्थिति से अवगत कराना इस संकट के समाधान के लिए ईरान के प्रयासों का मात्र का एक भाग है।

उन्होंने म्यांमार के शरणार्थी मुसलमानों को स्वीकार करने हेतु बांग्लादेश सरकार की मानवता प्रेमी कदम की ओर संकेत किया और जोर देकर कहा कि सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को चाहिये कि वे बांग्लादेश के साथ म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन की प्रक्रिया को रोकने और अधिक व तुरंत मानवीय सहायता भेजने के प्रयास करें।

घोषित आंकड़ों के अनुसार म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों के 25 अगस्त से आरंभ होने वाले हमलों में 6 हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुसलमान मारे जा चुके हैं जबकि कम से कम 8 हज़ार घायल हो गये और चाढ़े चार लाख से अधिक बांग्लादेश जाने पर मजबूर हो गये हैं हालांकि ये आंकड़ा असल में काफी ज्यादा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here