बाबाओं का illuminati योग

मुस्तेजाब खान

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1776 में Adam Weishaupt द्वारा Bavarian Illuminati नाम की एक ख़ुफ़िया सोसाइटी बनाई गई, जिसका मक़सद तो शुरू शुरू में अंधविश्वास, समाज पर धर्म का बढ़ता प्रभाव, राज्य की बेजा ताक़त का विरोध करना था। फ़्रेंच क्रांति के बाद इनपे रोमन चर्च और राज्यों द्वारा दमनकारी करवाई की गई ।उस वक़्त ऐसा माना जाता था की फ़्रेंच रेवोलूशन में इनका बहुत बड़ा किरदार था।

लेकिन बाद ये संगठन फिर से एक जुट हुआ और अपनी कार्यशैली को बदलते हुए इन लोगों ने दुनिया के बड़े बुद्धजीवियों , बड़े सरकारी ओहदों पे तैनात लोगों, अदालतों से जुड़े लोगों, सेना से जुड़े लोग और ऐसे ही हर महत्वपूर्ण क्षेत्र से जुड़े लोगों को सदस्य बनाना शुरू किया। और आज भी दुनिया के महत्वपूर्ण लोग इस संस्था के ख़ुफ़िया सदस्य हैं।

इल्लुमिनाती दुनिया भर के अपने सदस्यों को कॉन्फ़्रेन्स के नाम पे बोलती है जिस कॉन्फ़्रेन्स का मक़सद नए नए सुझावों का देना भी होता है। फिर उस कॉन्फ़्रेन्स पर और दूसरे तरीक़ों से भी इन सदस्यों को सेक्स स्कैंडल या दूसरी स्कैंडल में संलिप्त किया जाता है और फिर उस स्कैंडल की आड़ में ही इन लोगों से ये ग्रुप अपना मन चाहा काम करवाता है ।

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ये ग्रूप चूँकि ख़ुफ़िया काम करता है और इसके साथ सारी दुनिया के ताक़तवर लोग किसी ना किसी तरह जुड़े ही हुए है इसलिए एक आम इंसान के जरिये इनकी ताकत का अंदाजा भी नही लगाया जा सकता । ये अपने मक़सद के लिए लोगों की हत्याएँ भी करने से गुरेज़ नही करती। अमेरिका के सदर कैनेडी को भी इसी ग्रूप ने मरवाया था ऐसा माना जाता है। तुर्की का कमाल आतातुर्क भी इसी ग्रूप का ही मेम्बर था।

ख़ैर, यहाँ मक़सद illuminati ग्रूप पे बहस करना नही बल्कि उस तरीक़े पे बहस करना है जिस तरीक़े को अपना कर दुनिया भर में बड़े काम किए या कराए जाते हैं। यही तरीक़ा विभिन्न देशों का ख़ुफ़िया तंत्र भी करता है। बड़ा माफ़िया भी करता है। यानी कि प्रभाव वाले लोगों का स्कैंडल बनाया जाए और उन्हें ब्लेक मेल करके अपना काम कराया जाए। CIA, मुसाद, KBG आदि संगठन इस काम में बहुत आगे हैं।

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अब आइये, देश में फैले ‘बाबाओं’ के जाल को समझे। ऐसा नही है कि देश में धार्मिक आध्यात्मिक लोग समाज सेवा या जन कल्याण का काम नही करते। देश में ऐसे लाखों आश्रम भरे पड़े हैं। रामकृष्णा मिशन जैसे समाज सेवा करने वाले आश्रम में मैं ख़ुद गया हूँ और वहाँ हो रहे काम को देखा है। ऐसे ही और बहुत से आश्रम देश में अच्छे कार्य कर रहे हैं मगर उनका नाम ना मीडिया में आता है और न ही सत्ता गलियरों में उनकी चर्चा होती है। और ना वो लोग इतने ताक़तवर और धनवान होते हैं।

लेकिन क्या वजह है कि देश के बाबा माफ़िया इतना धनवान, ताक़तवर और बहुचर्चित हो जाते हैं। इसके तीन कारण हैं —

  1. एक ये कि इनके पास देश के क़रीब हर नेता का काला पैसा जमा रहता है।
  2. दूसरे ये इनके द्वारा इन नेताओं को यौन सुख प्राप्त करवाया जाता है।
  3. और तीसरा ये इनके पास भक्तों की तादाद रहती है जो चुनाव के वक़्त इन राजनीति दलों का साथ दे कर सत्ता भोग में भी इनकी मदद करते है।

इसके बदले में सरकारें इन बाबाओं को मन चाही छूट देती है। आप ऐसे किसी भी बाबा को देख लें सब के सब में एक तरह की समानता मिलेगी। ये सब लोग किसी ना किसी सरकार द्वारा ही पोषित मिलेंगे। इनके पालन पोषण में हर सरकारें ततपर रहती है जिसके बदले में ये बाबा इन दलों और इन दलों के बड़े लोगों को पैसा, सेक्स, और वोट मुहैया कराते हैं।

चंद्र स्वामी से लेकर आसाराम, रामपाल से लेकर राम-रहीम और नित्यानन्द तक सबकी कहानी में आपको ऐसी समानताएं मिल जाएगी लेकिन ठहरिये किस्सा अभी तमाम नही हुए देश में अभी सैकड़ों बाबाओं की ऐसी कहानियां बाक़ी है।

मुस्तेजाब खान – लेखक वरिष्ठ चिंतक और मुस्लिम मुद्दों पर सक्रियता से लिखने वालों में शुमार है ।

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