जानिए कैसा होगा फेसबुक स्मार्टफोन

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फेसबुक स्मार्टफोन

मुखबिर न्यूज़ | आज दुनिया में शायद ही कोई स्मार्टफोन यूजर हो जो फेसबुक के नाम से वाकिफ न हो | फेसबुक हमेशा से ही कुछ कुछ ऐसा जरूर करता रहा है जिसकी हमेशा चर्चा की जाती रही है | ताजा मामला उसके स्मार्टफोन से जुड़ा हुआ है , सूत्रों के मुताबिक फेसबुक इसके जरिये जल्द ही  स्मार्टफोन की दुनिया में इंट्री मार सकता है |

क्या होगा ख़ास

विशेषज्ञों की मानी जाये तो फेसबुक एक ऐसा फोन तैयार करना चाहता है जिसके हिस्से बार बार बदलने किए जा सकें ऐसा अनुमान उन्होंने फेसबुक के जरिये फ़ाइल गए एक उस पेटेंट फार्म को देखकर लगाया है। जिसमें फेसबुक के जरिये एक ऐसे डिवाइस की बात कही गयी है जिसके हिस्सों को कभी भी कहीं भी अलग किया जा सके | ये एक एलेक्ट्रो मैकेनिकल डिवाइस भी हो सकता है |

फेसबुक की ओर से दाखिल पेंटेंट ड्राइंग को देख कर अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये एक खास तरह का मोबाइल होगा जिसमें स्पीकर, माइक्रोफोन और जीपीएस जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी | हालाँकि दिलचस्प बात तो ये है कि इन्हें उपभोक्ता अपनी जरूरत के तहत अलग अलग कर एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकेंगे हालाँकि इससे ये भी अनुमान लगया जा रहा है कि ये पायरसी के लिए खतरा बन सकता है |

डिजाइन

विशेषज्ञों ने पेटेंट ड्राइंग देखकर अनुमान लगाया है कि इसके विभिन्न हिस्से (मॉड्यूल) थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक से बनाए जाएंगे जिन्हें बाद में एक खास तरीके फोन टेक्नोलॉजी से जोड़ दिया जायेगा | याद रहे कि हाल ही में मॉड्यूलर फोन्स को काफी लोकप्रियता हासिल हुई है क्योंकि अव्वल तो उन्हें बार बार बदलने की जरूरत प्रदान नहीं आती और न ही उनमें कोई इलेक्ट्रिक कचरा पैदा होता है | यानी एक दो साल बाद उन्हें खराब होने पर फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती। इन मॉड्यूलर फोन में पूरे फोन को बदलने की बजाय केवल व्यक्तिगत भागों को ही बदल दिया जाता है।

निष्कर्ष

मॉड्यूलर स्मार्टफोन उपकरणों को एक बंद प्रणाली के तहत बनाया गया है जिसमें हार्डवेयर के अन्य भागों का उपयोग नहीं किया जा सकता। अभी तक यह तो ठीक से पता नहीं चल सका कि फेसबुक आखिर क्या कर रहा है, लेकिन सामने आई खबरों से स्पष्ट होता है कि यह कोई उच्च गुणवत्ता का कैमरा या कोई मशीन लर्निंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) उपकरण है। इसके विभिन्न भागों से पता चलता है कि उनका काम भी अलग अलग है।

याद रहे फेसबुक ने कुछ महीने पहले एक समूह बनाया था जिसे उसने नीसेंट ऑब्जेक्ट्स नाम दिया गया था यानी भविष्य के लिए उपकरणों और प्रौद्योगिकी तैयार करने वाली संस्था और अब फेसबुक अधिकारियों ने कहा है कि यह पेटेंट भी इसी समूह के तहत मिलने वाली युक्तियाँ के प्रकाश में दायर किया गया है।

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