बॉलीवुड एक्ट्रेस सना खान ने की मुफ़्ती अनस से शादी

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मुख़बिर न्यूज़: जायरा वसीम के बाद पिछले महीने बॉलीवुड एक्ट्रेस सना खान ने बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान किया था। जिसके बाद शनिवार को उन्होंने गुजरात के मुफ़्ती अनस सईद से निकाह कर लिया।

जायरा वसीम के बाद बिग बॉस-6 (Bigg Boss 6) की कंटेस्टेंट और बॉलीवुड एक्ट्रेस सना खान (Sana Khan) ने एक्टिंग को अलविदा कह दिया था। सना खान ने इंसानियत की सेवा करने के लिए बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान किया और फिर अचानक शनिवार को एक्ट्रेस सना खान ने मुफ्ती अनस से सूरत में शादी कर ली। इस निकाह में मौलाना कलीम सिद्दीकी और अहमद लाट साहब सहित देश के नामी गिरामी आलिम मौजूद रहे। निकाह खुद अहमद लाट साहब बने पढ़ाया।

सना खान अपने पति मुफ़्ती अनस के साथ

सना खान ने साल 2005 में हिंदी फिल्म ‘यही है हाई सोसायटी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद वे कई हिंदी, मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में नजर आईं। इसके बाद वे बिग बॉस और फीयर फैक्टर जैसे रियलटी शोज का भी हिस्सा रहीं। फ़िल्म जय हो में भी उन्हें काफी सराहना मिली थी।

सना ने पिछले महीने पोस्ट करते हुए लिखा था कि पता नहीं मरने के बाद क्या बनूंगी, मुझे अब अल्लाह की राह पर चलना है।
सना खान ने इसी साल की शुरुआत में कोरियोग्राफर बॉयफ्रेंड मेलविन लुईस से ब्रेकअप के बाद आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

एक्ट्रेस ने बॉलीवुड छोड़ने से पहले इंस्टाग्राम पर एक मैसेज लिखा था. मैसेज में ऐसा करने की वजह उन्होंने मजहब को बताया था. सना खान ने यह पोस्ट शेयर करते हुए अपने फैसले को जिंदगी का सबसे अहम फैसला बताया था. साथ ही उन्होंने अपने फैसले पर खुशी भी जताई थी.

पोस्ट शेयर करते हुए सना खान ने कैप्शन में लिखा था- ‘मेरा सबसे खुशी वाला पल. अल्लाह मेरे इस सफर में मेरी मदद करें और रास्ता दिखाएं. आप सब मुझे दुआ में शामिल रखें.’ अपने पोस्ट में सना ने लिखा- ‘भाईयों और बहनों… अब मैं अपनी जिंदगी के सबसे अहम मोड़ पर आ गई हूं और आपसे बात कर रही हूं. मैं सालों से फिल्म इंडस्ट्री में जिंदगी गुजार रही हूं. एक अरसे में मुझे हर तरह की शोहरत, इज्जत और दौलत मिली. मुझे ये सब अपने चाहने वालों से मिला, जिसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं.’

सना आगे लिखती हैं- ‘लेकिन अब कुछ दिन से मुझ पर ये अहसास कब्जा जमाए हुए है कि दुनिया में आने का मकसद क्या सिर्फ ये है की वो दौलत और शोहरत कमाए? क्या उसका ये फर्ज नहीं होता कि वो अपनी जिंदगी उन लोगों की खिदमत करे जो बेआसरा और बेसहारा हैं? क्या उसे ये नहीं सोचना चाहिए कि मौत किसी भी वक्त आ सकती है और मरने के बाद उसका क्या बनने वाला है. इन दो सवालों के जवाब में मुद्दत से तलाश कर रही हूं. खासकर दूसरे सवाल का जवाब की मरने के बाद मेरा क्या होगा?’

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