इस मुस्लिम देश ने बना लिया एटम बम

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मुखबिर न्यूज़: परमाणु हथियार को लेकर अमेरिका एक तरफ जहां दक्षिण कोरिया पर प्रतिबंध लगा रहा है वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम देश अपनी परमाणु शक्ति को बढ़ाने में लगे हुए हैं। ताजा मामला सऊदी अरब से जुड़ा हुआ है जिसने परमाणु हथियार बनाने में सफलता हासिल कर ली है।

गूगल सेटेलाइट के जरिए जारी की गई तस्वीरों के मुताबिक सऊदी अरब ने अपने न्यूक्लियर रिएक्टरों का काम लगभग पूरा कर लिया है और वह तेजी से अपनी परमाणु शक्ति बढ़ा रहा है। सऊदी अरब का यह न्यूक्लियर सेंटर अज़ीज़ सिटी के कोने में स्थित है।Saudi atomic research

परमाणु हथियारों को लेकर सऊदी अरब और अमेरिका एक बार फिर आमने-सामने आ गए। सऊदी अरब का कहना है कि यह मात्र एक वैज्ञानिक प्रयोग है हालांकि तस्वीरों में साफ पता चलता है कि आने वाले कुछ महीनों में सऊदी अरब परमाणु संपन्न देश होने की घोषणा कर सकता है।

अगर ऐसा होता है तो सऊदी अरब पाकिस्तान के बाद परमाणु हथियार रखने वाला दुनिया का दूसरा मुस्लिम देश बन जाएगा। सऊदी अरब के इस कदम को कूटनीतिक रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि एटम बम बनाने के लिए तुर्की जैसे देश सऊदी अरब की मदद कर रहे हैं।

गौरतलब हो कि सऊदी अरब ने पिछले 5 वर्षों में अपने रक्षा बजट में बड़ा इजाफा किया है। हाल ही में उसने अमेरिका और रूस से कुछ ऐसे हथियार खरीदे हैं जो किसी और देश के पास मौजूद नहीं है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सऊदी अरब 1 मुस्लिम राष्ट्र है और पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाएं यहां से जुड़ी हुई है ऐसे में अगर कोई विरोधी देश सऊदी अरब की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो हम परमाणु बम से उसकी आंखे फोड़ देंगे।

याद रहे कि सऊदी अरब ने अपने इस परमाणु प्रोजेक्ट के लिए किसी देश से अनुमति नहीं ली है। ऐसे में दुनिया भर में तनाव पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। सऊदी अरब दुनिया का पहला देश है जिसने किसी भी परमाणु संधि पर समझौता नहीं किया है, यानी वह अगर परमाणु बम बनाता है तो उस पर अमेरिका भी नियंत्रण नहीं लगा पाएगा यही वजह है कि सऊदी अरब बड़ी तेजी से न्यूक्लियर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है

परमाणु हथियारों को लेकर तुर्की लगातार सऊदी अरब का साथ दे रहा है। तय्यब उर्दगान की माने तो वह काबा जैसी मुकद्दस सरजमी की हिफाज़त के लिए हमेशा तैयार हैं। परमाणु मुद्दे पर तुर्की और सऊदी अरब की एक साथ आने से अमेरिका कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि एटम बम बनाने में लगे हुए आधे से ज्यादा वैज्ञानिक तुर्की के हैं जिन्हें तय्यब उर्दगान ने खुद सऊदी अरब भेजा है।

यानी साधारण शब्दों में कहा जाए तो सऊदी और तुर्की जल्द ही परमाणु सम्पन्न देश बनने वाले है।

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