मुहम्मद (सल्ल) कौन ? जानिए विश्व के महान स्कॉलर्स की जुबानी

सलमान सिद्दीक़ी

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अल्लाह के पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्ल) हमारी तारीफ़ से बेनियाज़ हैं , उनके बारे में ख़ुद अल्लाह ने इरशाद फ़रमा दिया कि “हमने आपके तज़किरे को बुलंद मक़ाम अता फ़रमा दिया है |” ऐसा बुलंद मक़ाम कि 24 घंटे में कोई ऐसा लम्हा नही गुज़रता कि दुनिया में कहीं न कहीं “अशहदुअन्ना मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह” की आवाज़ न बुलंद होती हो | हर वक़्त हर पल हुज़ूर (सल्ल) की रिसालत (पैग़म्बरी) की गवाही अज़ान में बुलंद आवाज़ से दी जा रही है |

अल्लाह ने आप (सल्ल) के ज़िक्र को इतना बुलंद फ़रमाया कि ये लोग हज़ारों बदज़ुबानियाँ करें लेकिन क़ायनात की सारी ताक़तें आपकी महानता के नग़में गाती हैं, फ़रिश्ते उन पर दुरूद ओ सलाम भेजते हैं | उनको न हमारी आपकी तारीफ़ की ज़रूरत है, न ही आर एस एन सिंह जैसे जाहिलों की किसी तारीफ़ी शहादत की । वो ज़ात तो उससे बुलंद व बरतर और इन सभी तारीफ़ों से बुलंद है | आपका तो नाम ही “मुहम्मद” (सल्ल) है, यानी जिसकी तारीफ़ की गयी है | जिसकी तारीफ़ ज़मीन व आसमान में है, जिसकी तारीफ़ फरिश्तों में है, जिसकी तारीफ़ क़ायनात में है ,उस ज़ात को आपकी या हमारी तारीफ़ की ज़रूरत नही है | आप (सल्ल) की शान में गुस्ताख़ी करना इंसानियत के ख़िलाफ़ है और चांद पर थूकने की कोशिश भी | इतिहास के पनने इसकी मुंह बोलती तस्वीर हैं | आप के आने से पहले दुनिया तहज़ीब (सभ्यता) से अपरिचित और जिहालत की अंधेरी दुनिया में चक्कर काट रही थी | आप के आने के बाद दुनिया को इंसानियत का सबक़ मिला | रहनुमाई (मार्गदर्शन) हासिल हुआ | यही वजह है कि जब मशहूर लेखक “माइकल एच. हार्ट” अपनी मशहूर किताब The 100: A Ranking of the Most Influential Persons in History (दुनिया को सबसे प्रभावित करने वाले 100 लोग) लिखता है तो उसमें पहले नम्बर पर हज़रत मुहम्मद (सल्ल) को रखता है, इसके अलावा दुनिया भर के तमाम हक़ीक़तपसंद नॉन मुस्लिम बुद्धिजीवियों को क़ुबूल करना पड़ा कि इस दुनिया मे मुहम्मद (सल्ल) जैसी अज़ीम (महान) हस्ती न कभी उससे पहले हुई , न कभी उसके बाद हुई , न क़यामत तक हो सकेगी, जिसकी चंद मिसालें नक़ल कर रहा हूँ ||

वर्ल्ड फेमस फिलास्फर और स्कॉलर जार्ज बर्नाड शा लिखते हैं “मैंने इस अद्भुत,विलक्षण व्यक्ति हज़रत मुहम्मद (स०अ०) का अध्ययन किया है | मेरा विश्वास है कि यदि हज़रत मुहम्मद जैसा व्यक्ति वर्तमान विश्व का शासक होता तो हमारी सारी परेशानियाँ हल हो चुकी होती और पूरे विश्व में शान्ति व सुख समृद्धि होती | मैं हज़रत मुहम्मद (स०अ०) के धर्म के सम्बन्ध में यह भविष्यवाणी करता हूँ कि यह कल के यूरोप के लिये उतना ही स्वीकार करने योग्य है जितना कि आज के यूरोप के लिये,जो इसे स्वीकार करने का आरम्भ कर चुका है |” (‘The Genuine Islam’ Vol. 1)

“उस मुहम्मद (सल्ल) से महान इंसान, मानवता का रक्षक दुनिया कभी पैदा न कर सकेगी |” (Voltair In Philosphical Dictionary)

“मुहम्मद (सल्ल) का जलवा हर जगह देखा जा सकता है , दिन में पाँच बार दिल्ली , हिजाज़, ईरान , क़ाबुल , मिस्र और शाम में , जब दुनिया के हर हिस्से में मुसलमानों को नमाज़ पढ़ते देखें तो यह क़ुबूल कर लें कि मुहम्मद (सल्ल) का धर्म सत्य है , जीवित है और जीवित रहेगा” ।(Islam and Its Founder)

“सभी धार्मिक व्यक्तियों में मुहम्मद (सल्ल) सबसे ज़्यादा क़ामयाब रहे हैं |” (Encyclopedia Britannica 11th Edition)

“अमेरिकी मनोवैज्ञानिक Jules Masserman अमेरिकी पत्रिका “टाइम्स” (15 july 1974) में लिखता है “सभी युगों का महानतम नायक मुहम्मद (सल्ल) हैं” |

“हज़रत मुहम्मद (सल्ल) के व्यक्तित्व की पूरी सच्चाई में उतर पाना सबसे कठिन बात है, लेकिन मैं केवल उसकी एक झलक पेश करता हूँ – बिज़नेसमैन मुहम्मद , उपदेशक मुहम्मद , सुधारक मुहम्मद , अनाथों का सहारा मुहम्मद , ग़ुलामों के संरक्षक मुहम्मद , महिलाओं के उद्धार-कर्ता मुहम्मद , न्यायाधीश मुहम्मद , संत मुहम्मद और इन सभी प्रतापी मान मर्यादाओं में मानवता के सभी भागों में मुहम्मद (सल्ल) एक हीरो के समान हैं | (Prof Krishn Rav In “Muhammad The Prophet of Islam”)

“दार्शनिक, वक़्ता, धर्म-प्रचारक, विधि-निर्माता, योद्धा, विचारों को जीतने वाला, युक्तिसंगत आस्थाओं के पुनरोद्धारक, बीस बड़ी सल्तनतों और एक आध्यात्मिक सत्ता के निर्माता एवं प्रतिष्ठाता वही हज़रत मुहम्मद (सल्ल) हैं, जिनके द्वारा स्थापित मानदंडों से मानव-चरित्र की ऊँचाई और महानता को मापा जा सकता है | यहाँ हम यह पूछ सकते हैं कि क्या हज़रत मुहम्मद (सल्ल) से भी बढ़कर कोई महामानव है ?” (लेमराइटन, हिस्टोरी डी ला तुर्की,पेरिस,भाग 2)

इन हक़ीक़तों के बाद भी अगर कोई इंसान आप (सल्ल) की शान में गुस्ताख़ी करता है तो उसकी यह गंदी हरकत इस बात की ओर साफ़ इशारा है कि वह समाज में फ़ितना व फ़साद पैदा करना चाहता है, इसलिए उसके ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्यवाही ज़रूरी हो जाती है |

सलमान सिद्दीकी –

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